रेवांचल टाइम्स - जाति आधारित जनगणना कराने एवं किसान विरोधी बने तीन काले कृषि कानून वापस लेने एवं ईवीएम के साथ लगी पेपरट्रेल मशीन से निकलने वाली पर्ची का हंड्रेड परसेंट मिलान करने या फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने हेतु एवं अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया
उसी पश्चात अंजनिया चौकी पहुंचकर गिरफ्तारी ओ एस एस जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा गिरफ्तारी दी गई केंद्र सरकार द्वारा अभी कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर यह बात निश्चित कर दी गयी है कि केंद्र सरकार ओबीसी की जाति आधारित जनगणना 2022 की जनगणना भी नहीं कराएगी जैसा है कि आप अवगत है कि आजाद भारत में ओबीसी की जनगणना या फिर जाति आधारित जनगणना एक बार भी नहीं कराई गई जिसका दुष्परिणाम यह हुआ कि पिछड़े वर्ग के सही आंकड़े ही नहीं आए जिसमें ओवेसी के विकास की योजना एवं शासन प्रशासन में उनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व दैनिक की नीतियां समुचित तरीके से नहीं बनाई गई और पिछड़ा वर्ग आजादी के 74 वर्ष में भी अधिकार से वंचित रह गया इसलिए पिछड़ा वर्ग की जाति आधारित जनगणना होना अति आवश्यक है इसलिए हमारी मांग है कि जाति आधारित जनगणना की जाए, जिस में शामिल हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष, श्री कुंज बिहारी पटेल, राम भजन पटेल ओबीसी जिला सचिव, राम प्रभात पटेल ओबीसी ग्राम प्रमुख, अवधेश पटेल, राम रईस पटेल, तारक पटेल, ललित पटेल, विजय बल को,हरे सिंह कूड़ापे, विशन परते, सुनील मार्को, अरुण धुर्वे, दुर्गेश पटेल, शिव पटेल, कृष्ण कुमार सरोते, लेख राम साहू, बाबूलाल कुशराम, विजय बलको, आदि कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपने के उपरांत गिरफ्तारी दी गई
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